आप कैसे चीनी और जापानी के बीच अंतर बता सकते हैं?

जापानी और चीनी शारीरिक दिखावट के मामले में लगभग समान होते हैं। जब शारीरिक दिखावट की बात आती है तो हम आसानी से फर्क नहीं कर सकते हैं कि वह जापानी है या चीनी है लेकिन क्या वे संस्कृतियों और व्यवहारों में भी समान होते हैं? यहाँ चीनी और जापानी के कुछ अंतर दिए गये हैं।

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 वास्तुकलायें:

राजमहलों के चारों तरफ जापानी डिजाइन होती है जबकि शहरों की दीवारों पर चीनी डिजाइन होती है। वास्तुकला के मामले में वे दोनों ही समान होते हैं इनकी संरचना और डिज़ाइन संभवत: समान होती है। इनकी समानता के कारण इनको हम आसानी से नहीं पहचान सकते हैं कि चीनी और जापानी द्वारा बनाई गई संरचना, किसकी कौन सी है।

व्यंजन:

जापानी और चीनी व्यंजन काफी समान होते हैं लेकिन केवल स्टार्टर अलग होते हैं। जैसा कि आप देख सकते हैं कि जापानी आमतौर पर समुद्री-भोजन और सुशी जैसे नूडल्स को परोसते हैं, जबकि चीनी भी मांसयुक्त भोजन को परोसते हैं। चीनी भी गर्म तेल में भुना हुआ माँस या ग्रिल माध्यम से भोजन की तैयारी करते है। चीनी भी सब्जियां खाना पसन्द करते हैं और हम कभी कभार उन खाने वाले नूडल्स को देखते हैं। यहाँ एक बहुत बड़ा अन्तर होता है कि वे भोजन कैसे पकाते हैं, लेकिन उनके भोजन को खाने का तरीका एक समान ही होता है।

संगीत:

संगीत के मामले में इनमें बहुत बड़ा अंतर है। चीनी आमतौर पर संगीत बनाने के लिए बांसुरी और अन्य हवाई उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं।आम तौर पर वे संगीत की नरम लय की वजह से अन्य लोगों का ध्यान केन्द्रित करते हैं। जबकि चीनी हवाई उपकरण का उपयोग करते हैं, जापानी भी संगीत बनाने के लिए अपने स्वरों का उपयोग करते हैं। उनके संगीत को आमतौर पर उनके स्वरों के माध्यम से बनाया जाता है और यह नोह, काबुकी, और बूनकू से उत्पन्न होता है। स्वरों के तालमेल के कारण चीनी संगीत जापानी संगीत की तुलना में अधिक गंभीर है।

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सकुरा की परिभाषा के संदर्भ में:

जापानी सुंदरता और प्रगति और परिवर्तन के प्रतीक के रूप में सकुरा को परिभाषित करता है। जब वे सकुरा को देख सकते हैं या मुख्य रूप से चेरी ब्लॉसम के नाम से जाना जाता है, तो यह उनके देश की प्रगति का प्रतीक है जो कि अंदर से और बाहर से सुंदर होते है। उन्होंने यह भी कहा कि सकुरा उनके जीवन के परिवर्तन के लिए एक संकेत है, जिससेे सभी समस्या के बाद भी उनके अन्दर एक आशा निहित होती है। चीनी मानव स्वभाव के जंगली भाग के रूप में सुकरा को परिभाषित करता है और शेर और बिल्ली द्वारा प्रतीकत्व करता है। चीनी इसे शक्ति के प्रतीक के रूप में परिभाषित करता है।

चेहरा:

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जापानियों के चेहरे आम तौर पर लंबे होते है जबकि चीनियों के चेहरे गोल होते हैं। जापानी की आंखें बड़ी और नीचे की तरफ होती हैं जबकि चीनी की आंखें छोटी और ऊपर की तरफ होती हैं।

लेखन और भाषा:

चीनी और जापानी के लेखन के समान तरीके होते हैं लेकिन वे केवल उनकी भाषा में भिन्न होते हैं। चीनी तिब्बती चीन भाषा का उपयोग करते हैं जबकि जापानी अल्टेक भाषा का उपयोग करते हैं। हालांकि उनकी भाषा अलग है लेकिन फिर भी वे लेखन का उपयोग करके एक दूसरे को समझ सकते हैं।

संस्कृति:

चीनी और जापानी सम्भवत: समान होते हैं वे दोनों परिवार, परंपरा, सम्मान और सौंदर्य जैसे एक ही संस्कृति का अभ्यास करते हैं।

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खेल और मनोरंजन:

जापानी और चीनी के खेल-कूद और मनोरंजक गतिविधियों को कैसे खेलते हैं इसके अलग-अलग तरीके हैं। चीनी आम तौर पर मार्शल आर्ट और ड्रैगन बोट से प्रोत्साहित करते हैं जबकि जापानी सूमो कुश्ती और ड्रैगन बोट से प्रोत्साहित करते हैं।

सरकार:

आप सरकार के मामले में तुरंत अपने अंतर को अलग कर सकते हैं। चीनी सरकार मुख्यतः साम्यवादी होती है। यह एक आर्थिक-आधारित प्रणाली है जिसमें उत्पादन नियंत्रित किया जाता है और कोई भी व्यक्ति किसी भी व्यक्ति का लाभ नहीं उठा सकता है। जापान एक संवैधानिक राजतंत्र है वे अपने राजा और रानी द्वारा शासित किए जाते है लेकिन कानून अभी भी बनाये जाते हैं और विधिकारी द्वारा आँकलित किये जाते हैं।

स्थानीय रुप से उत्पन्न होने वाली सुनामी ज्यादा खतरनाक क्यों होती है?

स्थानीय रुप से उत्पन्न हुई सुनामी दस मिनट से कम समय में निकटवर्ती किनारे पर पहुंच सकती है। पैसिफिक सुनामी वॉर्निंग सेंटर या विशेषज्ञों के पास इतनी भी समय नहीं होता है कि वे एक नोटिस जारी करके लोगों को इस बात की सूचना दे पाएं और समुद्री तट से दूर होने का आदेश दे पाएं। किनारे के पास रहने वाला एक सामान्य व्यक्ति जमीन का हिलना महसूस कर सकता है। केंद्र के दूर से आने वाली सुनामी या किसी भी मामले में लहर के आने की सूचना या चेतावनी इस तथ्य से बोधगम्य होती है कि सुनामी किस गति से आगे बढ़ रही है?

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स्थानीय रुप से उत्पन्न सुनामी अपेक्षित समय से पहले ही निकटवर्ती किनारे से टकरा सकती है। पैसिफिक सुनामी वॉर्निंग सेंटर या विशेषज्ञों के पास इतनी भी समय नहीं होता है कि वे एक नोटिस जारी करके लोगों को इस बात की सूचना दे पाएं और समुद्री तट से दूर होने का आदेश दे पाएं। एक भूकंपीय कंपन प्रकृति की नियमित चेतावनी है कि सुनामी किसी भी समय किनारे पर पहुंच सकती है।

विचित्र परिवर्तन या किसी असामान्य समुद्री गतिविधि या समुद्री तूफान से जागरुक होने की अनुभूति सुनामी के प्राकृतिक संकेत होते हैं, जो आमतौर पर चेतावनी के रुप में आते हैं। यदि आप ऐसी किसी गतिविधियों को महसूस करते हैं तो तुरंत समुद्री किनारे से दूर हटने और किसी ऊंची भूमि पर जाने का प्रयास करें।

अधिक स्रोतों से आने वाली सुनामी चेतावनी और सार्वजनिक सुरक्षा का केंद्र हो सकती है। चेतावनी केंद्र स्थानीय या निकटवर्ती विशेषज्ञों की मदद से पता लगाते हैं कि क्या ज्वार की लहरें उनके किनारों को प्रभावित करेंगी और किस हद तक उनके तट प्रभावित होंगे।

अपनी तेज गति के कारण स्थानीय रुप से उत्पन्न सुनामी दस मिनट से कम समय में ही निकटवर्ती किनारों पर पहुंच सकती है। ‘पैसिफिक सुनामी वॉर्निंग सेंटर’ या विशेषज्ञों के पास इतनी भी समय नहीं होता है कि वे एक नोटिस जारी करके लोगों को इस बात की सूचना दे पाएं। किनारे के पास रहने वाले लोग जमीन की कंपन को महसूस कर सकते हैं, जो सुनामी के आने की चेतावनी देती है और यह बताती है कि सुनामी कितनी भयावह है।

प्रेम विवाह के लिए अपने माता-पिता को कैसे समझाएं?

यह हमारी ज़िंदगी है और हमें इसे अपने तरीके से जीना चाहिए। हमें वही करना चाहिए जिससे हमें खुशी मिलती हो। लेकिन किसी को प्यार में कभी भी अंधा नहीं होना चाहिए। यदि आप वास्तव में अपने साथी से प्यार करते हैं और आपको लगता है कि यह आपके लिए सबसे अच्छा है तो आपको उसी से शादी कर लेनी चाहिए और न कि उस व्यक्ति से जो आपके परिवार द्वारा चुना जाता है। यद्यपि ज़्यादातर आपको सलाह दी जाएगी कि आप इस पर पूर्ण विचार करें क्योंकि विवाह किसी के जीवन में एक बहुत बड़ा क़दम होता है। इस फैसले पर पूरी तरह से विश्वास करना और इसकी संभावनाओं के बारे में प्रतिबद्ध होना आपके लिये बहुत बड़ा निर्णय है।

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आप निम्नलिखित तरीके का प्रयोग कर सकते हैं-

बातचीत करके चीज़ों को स्पष्ट करें :

अपने परिवार के उन सदस्यों से सम्पर्क करें जो इस विवाह के लिए कम प्रतिरोधी होंगे। वो आपकी माँ, आपकी मौसी या आपके भाई/बहन या चचेरे भाई/बहन हो सकती हैं. उनको मनाएं और विश्वास दिलायें कि आप अपने साथी से प्यार करते हैं।

अपने साथी से मिलने के लिए उन्हें समझाएं:

इस मीटिंग का उद्देश्य अपने माता-पिता को यह दिखाना है कि वह आपके लिए एक आदर्श पति/पत्नी बनेगा/बनेगी। आप अपने साथी को टिप्स दे सकते हैं कि आपके माता-पिता को क्या पसंद है क्या नहीं। यह आवश्यक होगा क्योंकि आप नही चाहते कि उनको कुछ भी बुरा लगे। इसका मतलब यह नहीं है कि आप उन्हें अपने माता-पिता के साथ बनावटी स्वभाव व्यक्त करने के लिए कहें। यह टिप्स केवल इसलिये है जब वे उनसे मिलेंगे तो वे उनके लिए अच्छी राय बनायेंगें।

उदाहरण देना हमेशा फायदेमंद होता है: 

अपने प्रेम विवाह में अपने माता-पिता के लिये एक यथार्थ उदाहरण दें। यथार्थ रूप में समझाने के लिये कुछ नहीं होता है। उन्हें खुश और सफल “प्रेम विवाह” के वास्तविक जीवन के उदाहरण दें। आप उन लोगों के भी कुछ उदाहरण दे सकते हैं जिनको आप जानते हैं कि जबकि उनका विवाह व्यवस्थित तरीक़े से हुआ था लेकिन अप्रसन्नता में बदल गया। उनको समझाएं कि विवाह से कुछ समय पहले किसी के साथ रिश्ते में आने के लिये आपसी अनुकूलता को समझना कैसे जरूरी है और इसके परिणामस्वरूप, एक साथ एक खुशहाल जीवन जीने के लिये एक बेहतर मौके को उत्पन्न करने की आवश्यकता है।

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अनुकूलता का आधार: 

अपने माता-पिता को एक विवाह में आपसी अनुकूलता और तालमेल के महत्व को समझायें, जो कि अंतिम निर्णय लेने से पहले आवश्यक रूप से मापना जरूरी है। अनुकूलता जाति, जन्मकुंडली, भोजन की आदतों, पारिवारिक परिस्थिति और वित्तीय क्षमता से बहुत अधिक होती है। अनुकूलता व्यक्तित्व के प्रकार, विश्वास, पसंद और नापसंद, रिश्ते की ओर रवैया और बहुत कुछ चीजों पर निर्भर करता है। और ये ऐसी चीजें हैं जो दो व्यक्तियों के बीच एक मजबूत बंधन बनाते हैं। ये चीजें एक-दूसरे के साथ काफी समय बिताये बिना भी कभी नही मापी जा सकती है।

अपने जीवन में उनका महत्व समझाएं:

उन मुश्किल स्थतियों और परिस्थितियों के बारे में बताएं जब आपके साथी ने आपकी सहायता की थी। उन्हें बताएं कि वह हर समय आपका साथ देता/देती है या आपको खास महसूस कराता/कराती हैं या अपने तरीके से कुछ भी करता/करती है ताकि आपको परेशानी से ना गुजरना पड़े। यह आसान नहीं है, कम से कम कहने के लिए। लेकिन दिन के अंत तक, आपके माता-पिता आपकी खुशी चाहते हैं। आप अपने माता-पिता को सबसे ज्यादा जानते हैं। इसलिए, आपको पता होना चाहिए कि पूरी तरह से योजना बनाकर उन्हें कैसे समझाया जाए।

ओमेटेपे के रहस्यमय पेट्रोग्लाइफ्स क्या होते हैं?

व्यक्तियों के बीच संचार की मूलभूत आवश्यकता और अपने भविष्य की पीढ़ी के लिए अपने अस्तित्व की निशानी छोड़ने की इच्छा अभी भी आवर्ती और सार्थक है। और आने वाली पीढ़ी अपने पूर्वजों द्वारा छोड़ी गई विरासत को कैसे समझते हैं यह पूरी तरह से उनपर निर्भर होता है। लेकिन इनमें से कुछ हमेशा की तरह रहस्यमय ही रहती हैं।

ओमेटेप के पेट्रोग्लाइफ्स:

पेट्रोग्लायफ्स एक तरह की शैल कला है, जिसमें चट्टान की सतह को छेदा जाता है, कटाई की जाती है, नक्काशी बनाई जाती है या उसे घिसा जाता है। ओमेटेप दो ज्वालामुखियों के बीच में रेत घड़ी के आकार का द्वीप होता है। मेडेरास और कॉनसेप्सियन ज्वालामुखियों के बीच होता स्थित है। मेडेरास एक विलुप्त ज्वालामुखी है, जबकि कॉनसेप्सियन एक सक्रिय ज्वालामुखी है। ये निकारगुआ गणराज्य में निकारगुआ झील में स्थित है।

Answer Imageइसका नाम मूल निवासियों की भाषा से लिया गया है, जिसमें “ओमे” का अर्थ है “दो” और “टेपेट” का अर्थ है पहाड़। यह द्वीप पर्यटकों, पुरातत्वविदों और कला उत्साहियों के बीच काफी प्रसिद्ध है क्योंकि पूरे द्वीप पर पेट्रोग्लायफ्स बने हुए हैं। इस द्वीप के बारे में कई रहस्यमय लोककथाएं है, जो जिसने सबसे पहले प्राचीन लोगों को आकर्षित किया था।

रहस्य:

ओमेटेपे पेट्रोग्लायफ प्रोजेक्ट एक सर्वेक्षण था, जो वर्ष 1995-1999 के बीच मेडेरास द्वीप के आधे हिस्से पर किया गया था। सर्वेक्षण किए गए 73 जगहों में से सभी पर एक जैसे ही पेट्रोग्लायफ्स पाए गए थे। लगभग 2000 शिलाखंडों पर पेट्रोग्लायफ्स या अन्य प्रकार की कलाएं पाई गई थीं। मूल कलाकारों ने पत्थर पर नक्काशी बनाने के लिए फ्लिंट और ओब्सीडियन छेनी का उपयोग किया था, जो उच्च गुणवत्ता के थे।

हालांकि, इसके अस्तित्व की सटीक तारीक निर्धारित करने के लिए अभी तक बहस चल रही है, लेकिन फिर भी इससे कोई परिणाम नहीं निकला है। कुछ निश्चित पत्थरों पर कैलेंडर बने हैं, जो बताते हैं कि मूल निवासी 18 महीनों को जानते थे, जिसमें प्रत्येक महीने में 20 दिन होते थे, जिनको मिलाकर एक साल में 360 दिन होते थे। सबसे पुरानी पेट्रोग्लायफ्स का तिथि लगभग 1000 ईसा पूर्व है। पेट्रोग्लायफ्स, रूपांकन और मिट्टी के बर्तनों के डिजाइन को देखकर यह अनुमान लगाया जाता है कि ये 3000 साल पुराने हैं।

चित्रण:

1960 के अंतिम दशकों में की गई खुदाई में, वोल्फगैंग हाबरलैंड में पता चला कि ओमेटेप शायद 800 ईसा पूर्व या 2000 ईसा पूर्व में बसा था। पेट्रोग्लायफ्स से पता चलाता है कि मूल निवासी चोरोटेगस (Chorotegas) या निकीविरानस (Niquiranos) जैसी व्यवस्थित और उन्नत संस्कृति के थे। पेट्रोग्लायफ्स को अक्सर धार्मिक प्रतीकों के रुप में वर्णित किया जाता था और इसका आकार इंसान और जानवरों के बीच के अलग-अलग रिश्ते को दर्शाता है।

Answer Imageज्यामितीय पैटर्न और आकाशीय निकाय, मानवरूपी और जानवररुपी- देवता और गोलाकार और मंडलियाँ जैसे पैटर्न दूसरे आयाम के अनंत काल और इंसान का संकेत देते हैं। कुछ पेट्रोग्लायफ्स पर बने चित्रों में कुछ असामान्य संरचनाएं शामिल हैं, पत्थरों पर सीटों या सीढ़ी की नक्काशी बनाई गई है। बॉलिंग बॉल के आकार के चेहरे वाले मानवों के चित्र बहुत कम हैं।

नक्काशी के प्रकार:

सबसे आम रूपांकन में घुमावदार और मानवरूपी चित्र जैसे सिर, छड़ी और रेखांकित निकाय शामिल हैं। कुल शिल्पकलाएं तीन आयामी भी हैं, जिसमें सबसे प्रसिद्ध बुर्जा की मूर्ति है, जिसका सिर मानव का है और बाकी धड़ मछली के आकार का है। जानवररुपी चित्र आम नहीं है, लेकिन इसमें स्तनधारी, मगरमच्छ, मेंढक, बंदर, कछुए और पक्षियाँ शामिल हैं।

विविध चित्रों में फूल, सूर्य के आकार का चित्र, कैलेंडर और क्रास के आकार का चित्र शामिल है। जिन जगहों में यह पाए गए हैं, वहां युग, पैटर्न और कारीगरी के विभिन्न प्रकार, मानचित्र और अन्य प्रतीकात्मक संचार के प्रकार मौजूद थे। लेकिन अभी भी इन पेट्रोग्लायफ्स के किसी भी सटीक व्याख्या निर्धारित नहीं है।

निष्कर्ष:

रहस्यमय होने का प्रभामंडल कभी- भी इसके निश्चित आकर्षण को कम नहीं करता है बल्कि लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचता है। हो सकता है इन्हें पूरी तरह से कलात्मक समझ, धार्मिक या सांस्कृतिक समारोहों के लिए बनाया गया हो, लेकिन शायद हम एक न एक दिन इसके रहस्य का पता लगा ही लेंगे। लेकिन अभी तो ये हमारी जिज्ञासा का केंद्र बना ही रहेगा। see more : https://bit.ly/2ykvFH2

अगर आपको फ़िब्रोमाइल्जिक हैं तो इसे पता लगाने के तरीके क्या हैं?

फाइब्रोमाइल्जिया सबसे आम बीमारियों में से एक है जो हड्डियों और मांसपेशियों के बेहतरीन स्वास्थ्य को प्रभावित करती है। विडंबना यह है कि, एक आम बीमारी होने के बावजूद भी यह अक्सर बुरी तरह प्रताड़ित करती है। थकान और जोड़ों में दर्द इस रोग के लक्षण हैं। यहां तक ​​कि अगर इसका सही से निरूपण नहीं किया गया, तो इसका उपचार बीमारी को पूरी तरह से राहत नहीं दे पाएगा। स्वस्थ और सक्रिय जीवन प्राप्त करने के लिए इसके प्रभाव कम हो सकते मगर इसे उपचारित नहीं किया जा सकता है। दवा, व्यायाम और प्रतिबंधित जीवन शैली के संयोजन इसे आसानी से प्राप्त करने योग्य बनाता है।

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कारणों का विश्लेषण करना:

रोग का सही कारण अज्ञात है। हालांकि, डॉक्टरों का मानना ​​है कि यह मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी से दर्द के संकेत मिलते हैं जो कि परेशानी का कारण है। फ़ाब्रोमाइल्जी को सक्रिय करने वाले कारणों पर एक नज़र डालें:

  • यदि आप गठिया रोग जैसी दूसरी अत्यन्त पीड़ा देने वाली बीमारी से पहले से ही प्रभावित हैं।
  • यदि आपके मिजाज़ बदलते रहते हैं और उदास रहते हैं।
  • यदि आप व्यायाम नहीं करते हैं।
  • यदि आपके परिवार में से किसी को भी ऐसा है।
  • अगर आप कभी भी शारीरिक या भावनात्मक रूप से दुर्व्यवहार करते रहे हैं।
  • पुरुषों की तुलना में महिलायें इस से अधिक प्रवण हैं।

लक्षणों की जांच करना: Answer Image

संपूर्ण शरीर में दर्द के अलावा, इसके निम्नलिखित आम लक्षण हैं:

  • मांसपेशियों में दर्द और जबड़ों में दर्द।
  • जलन, जकड़न, और चेतना में हरकत।
  • ध्यान केंद्रित करने में समस्या होना।
  • अच्छी तरह से सोने में सक्षम न होना।
  • अंदरूनी भाग के संवेदनशील होने के लक्षण।
  • हर समय चिंतित रहना या उदासी महसूस होना।
  • बराबर पेशाब के लिए जाना।
  • चेहरा, हाथों, पैरों और भुजाओं में अस्थिरता।

ध्यान देने योग्य बातें

विभिन्न अन्य बीमारियों जैसे बर्सिटिस, टेंडोनिटिस, और ऑस्टियोआर्थराइटिस के कारण सामान्य होते हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि अकड़न और दर्द न केवल जोड़ों में बल्कि पूरे शरीर में महसूस होता है।चिकित्सकों को यथार्थ लक्षणों और पिछले चिकित्सा विवरण को सूचित करना महत्वपूर्ण है। अन्यथा, उनके लिए वर्तमान स्थिति को समझना मुश्किल हो सकता है।

फाइब्रोमाइल्जिया को कैसे पहचानें?

फाइब्रोमाइल्जिया का निरूपण करने का कोई परीक्षण नहीं। है हालांकि, चिकित्सकों ने शायद आपको इसी तरह के लक्षणों के साथ अन्य बीमारियों को हटाने के लिये कई अन्य परीक्षण करने के लिए कहा होगा। परीक्षण हैं:

  • विटामिन डी स्तर
  • TFT या थायरॉयड फंक्शन परीक्षण
  • ESR या एरिथ्रोसाइट सिडमेंटेशन रेट
  • कम्पलीट ब्लड काउंट

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इनको प्रयोगशाला परीक्षणों के अलावा, लक्षणों की तीव्रता की पुष्टि के लिए शारीरिक और न्यूरोलॉजिकल परीक्षाओं को भी किया जाता है। जीन इस रोग में एक बड़ी भूमिका निभाते हैं; इसलिए, सही विश्लेषण के लिए आपकी नस्ल को जानने के लिये यह अनिवार्य है। यदि आपको फाइब्रोमाइल्जिया है तो उपर्युक्त सभी बिंदुओं का एक संग्रह डॉक्टरों को पहचान करने में मदद करेगा। एक प्रभावी तरीके से दर्द को रोकने के लिए रोग निरूपण, उचित दवाएं और व्यायाम पोस्ट करें।

How to make your hands look beautiful?

While we’re busy putting many anti-aging creams on our faces and hurrying to the colorist to cover our Grays, we often forget the body part that normally discloses our age first: our hands.

Washing the dishes every night can dry out your skin, with the hot water and caustic dish soaps taking away the natural oils in your skin, causing it to become dry as a bone and even cracked. Help to keep the moisture in your skin by wearing dishwashing gloves on a daily basis till you leave the sink or try to use the dishwasher!

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Using lotions and creams will help to lock in the moisture and help your hands appear younger by lifting up the skin.

Dermatologists suggest the treatments which comprise ingredients like Shea butter, olive oil, vitamin E and macadamia nut oil, which are good for hands. Putting these to somewhat wet skin helps them to consume better. So ensure to keep a jar of cream handy on your bathroom sink to use after showers or hand-washing.

While things like black polish or nail art might be the hottest trends right now, but the right shade could help brush and tidy your hands and emphasis from age spots or perceptible veins. Style professionals suggest to stay away from vogues like glitter, overly long nails, or square shapes.

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Sunspots can be a true value for your age and they grow over time. You can discuss with your dermatologist about topical creams like hydroquinone, which helps to bleach the pigment or even some laser therapies which knock down pigment-producing cells.

Dead skin cells can not only make your skin look peeling and dull, they can also keep treatments from penetrating. You can even make your own treatment at home by using a teaspoon of sugar combined with hydrating oil, like coconut oil.

Why do actresses undergo lip surgeries?

This is merely so difficult to comprehend why people get such surgeries. We can see some of the best and worst examples in our film industry itself. Actually, these surgeries suit a lot of people but also for some it makes everything worse. Just about all of the actresses received lip surgery i.e. at the liposuction.

In liposuction, they get the fat from the human body and make use of it to change the condition of lips. Undergoing plastic surgery is a personal choice, but it is sad to find famous female people succumbing to the pressure of drawback of beauty standards. In almost all of the cases, these cosmetic surgical treatments have turned into major blunders.

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Lose Your Ture Beauty

Right form Ayesha Takia to Vaani Kapoor, every single actress has been doing a major mistake by taking up this daring step. Somewhat than any improvement to this feature of their face, they may have degraded the overall appearance of their face and body. We should consider the fact that every surgery treatment involves a great amount of risk with them.

The entertainment industry is inundated with celebrities who may have gained popularity with many experiments they have done with their looks. They have undergone many surgeries to fix a specific part or feature of their face.

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Conclusion:

One of the very best challenges of pursuing a career related to the field of glamour is to constantly look stunning and satiate the targets of the admirers. Consequently, celebrities have been seeking solace in cosmetics to fix their aging woes.

There are plenty of reasons that make the stars opt a lip surgery or any other surgery. Sometimes it’s the director’s demand (Anushka Sharma Kohli, Vani Kapoor), sometimes they need to correct their god surprise face (Priyanka Chopra, Katrina Kaif).